केदारताल ट्रैक हादसा: लापता 8 लोगों में से दो के शव मिले, यूपी और बंगाल के 6 ट्रैकर्स की तलाश जारी
देहरादून,04 नवंबर 2026 | उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बाद लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव बरामद किए गए हैं। मंगलवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान एक महिला और एक पुरुष का शव मिला। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। वहीं, बाकी छह लापता लोगों की तलाश के लिए बुधवार को भी अभियान जारी है।
यह हादसा 29 अक्टूबर को वापसी के दौरान हुआ था। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण ट्रैक का रास्ता बाधित हो गया था। इसके बाद आठ लोग दुर्गम पहाड़ी इलाके में फंस गए थे।
उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की संयुक्त टीम को बर्फ में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव मिले। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका। मंगलवार अपराह्न तीन बजे अभियान समाप्त करने के बाद टीम अपने शिविर में लौट आई। टीम बुधवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू करेगी।
केदारताल में कहां मिले दो शव?
उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के मुताबिक, SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम को केदारखड़क के आसपास तलाशी के दौरान दो शव मिले। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि शवों की पहचान की प्रक्रिया अभी बाकी है।
रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल के आसपास टेंट और सामान के बैग भी बरामद किए हैं। इससे लापता ट्रैकर्स के संभावित ठिकानों की तलाश में मदद मिल रही है।
पश्चिम बंगाल और यूपी के रहने वाले हैं लापता लोग
लापता आठ लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच पुरुष ट्रैकर और उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रैकर शामिल हैं। इनके अलावा उत्तरकाशी का एक स्थानीय गाइड भी लापता है।
पश्चिम बंगाल के ट्रैकर्स में रिंटू मंडल, उदय घोष, रतन घोष, तपस बाउरी और मनोज खोवास के नाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश से वर्तिका वर्मा, दीपिका वर्मा और सिद्धार्थ राणा के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
27 अक्टूबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था दल
जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सात ट्रैकर्स और पांच सपोर्ट स्टाफ समेत कुल 12 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। उन्हें 29 अक्टूबर को वापस लौटना था।
वापसी के दौरान भारी बर्फबारी और हिमस्खलन ने रास्ता रोक दिया। दल के कुछ सदस्य सुरक्षित लौटने में कामयाब रहे, जबकि आठ लोग भोजखड़क के आगे फंस गए। इसके बाद ट्रैकिंग एजेंसी की सूचना पर प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू किया।
SDRF और NIM की टीमें चला रहीं रेस्क्यू ऑपरेशन
लापता लोगों की तलाश में SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीमें जुटी हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्ते, बर्फ की मोटी परत और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
रेस्क्यू टीम ने पहले हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र की हवाई रेकी की थी। इसके बाद विशेषज्ञों को हेलीकॉप्टर के जरिए ऊंचाई वाले इलाके में पहुंचाया गया। बुधवार को अतिरिक्त रसद और लाइफ सपोर्ट उपकरणों के साथ टीम की मदद के लिए और संसाधन भेजने की तैयारी है।
ट्रेकिंग एजेंसी पर परिजनों ने उठाए सवाल
लापता उत्तर प्रदेश की दोनों महिलाओं के परिजन भी उत्तरकाशी पहुंचे हैं। उन्होंने ट्रैकिंग एजेंसी की व्यवस्था और खराब मौसम में यात्रा जारी रखने को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार है।
फिलहाल बचाव दल का मुख्य लक्ष्य शेष छह लोगों का पता लगाना है। दो शव मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई है और पूरे इलाके में रेस्क्यू अभियान पर नजर रखी जा रही है।


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