पंजाब के मोगा में AAP विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के 7 ठिकानों पर ED की रेड

पंजाब के मोगा में AAP विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के 7 ठिकानों पर ED की रेड

पंजाब ,04 नवंबर 2026 | पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 की सुबह छापेमारी की। ईडी की टीमें सुबह करीब 6 बजे उनके आवासों पर पहुंचीं। इस कार्रवाई में विधायक के परिवार, सहयोगियों और उनसे जुड़े अन्य परिसरों सहित कुल सात ठिकानों की तलाशी ली गई।

अमनदीप कौर अरोड़ा मोगा विधानसभा सीट से विधायक हैं और पंजाब में AAP की महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं। ईडी की यह कार्रवाई कथित तौर पर सरकारी जमीन के फर्जी इंतकाल और मुआवजे के गलत भुगतान से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।

सुबह-सुबह विधायक के घर पर पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, आज सुबह 6 बजे ईडी की टीम डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर पहुंची। बता दें कि डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा पंजाब की महिला विंग की प्रधान भी हैं। विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अमनदीप कौर को आप की पहली सूची में मोगा से टिकट मिला है। इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि किस मामले के संबंध में एजेंसी ने यह कार्रवाई की है। न तो ईडी और न ही विधायक के परिवार की ओर से अब तक कोई बयान जारी किया गया है।

सुबह-सुबह पहुंची ED की टीमें

रिपोर्टों के मुताबिक, ईडी की टीम बुधवार सुबह विधायक के मोगा स्थित आवासों पर पहुंची। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विधायक के आवास के अलावा उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई।

ईडी की कार्रवाई में उनके पति से जुड़े एक नशामुक्ति अस्पताल को भी शामिल किया गया। अधिकारियों ने कुल सात परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। 

सरकारी जमीन और मुआवजे से जुड़ा है मामला

ईडी की जांच पंजाब पुलिस की जून 2024 में दर्ज FIR पर आधारित बताई गई है। यह मामला नेशनल हाईवे-754A के निर्माण के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन के कथित फर्जी इंतकाल और मुआवजे के गलत तरीके से भुगतान से जुड़ा है।

जांच एजेंसी को संदेह है कि सरकारी संपत्तियों के कथित धोखाधड़ीपूर्ण अधिग्रहण और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग हुई। इसी सिलसिले में ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच आगे बढ़ाई है। 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पंजाब पुलिस ने 16 जून 2024 को FIR दर्ज की थी। मूल FIR में राजस्व विभाग के पटवारी नवदीप सिंह और उनकी सहयोगी दिलखुश कुमारी के नाम दर्ज थे। रिपोर्ट के अनुसार, विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा का नाम मूल FIR में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं था।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई में विधायक और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई है। तलाशी का मतलब आरोप साबित होना नहीं है। जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों से ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। 

AAP कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

ईडी की छापेमारी की खबर फैलते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विधायक के कार्यालय और आवास के बाहर जुटने लगे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विधायक पर दबाव बनाया जा रहा है।

हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं। ईडी की ओर से दर्ज जांच का आधिकारिक आधार सरकारी जमीन के कथित फर्जी इंतकाल और मुआवजे के भुगतान से जुड़ा मामला बताया गया है। 

2027 चुनाव के लिए AAP ने फिर दिया टिकट

अमनदीप कौर अरोड़ा को आम आदमी पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मोगा सीट से दोबारा उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की पहली सूची में उनका नाम शामिल है। ऐसे में चुनाव से कुछ महीने पहले हुई ईडी की कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है।

फिलहाल जांच एजेंसी की तलाशी और जांच से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है। यह भी देखना होगा कि तलाशी के दौरान कौन से दस्तावेज या अन्य साक्ष्य सामने आते हैं और ईडी आगे क्या कार्रवाई करती है।