सोने-चांदी की कीमतों में 5 दिन में बड़ी गिरावट
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026 । सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने सर्राफा बाजार और निवेशकों का ध्यान खींचा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में दबाव देखने को मिला। सोना पांच दिन में ₹3,866 और चांदी ₹14,011 तक सस्ती होने की खबर से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है, जो त्योहारों और शादी के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं।
हालांकि, कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में तेजी से वापसी भी देखने को मिली। 15 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के भाव संभले। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा भाव और कीमतों में बदलाव की अवधि को समझना जरूरी है।
इससे पहले 14 अक्टूबर को यह 1,46,064 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 6,724 रुपए घटकर 2.07 लाख रुपए पर आ गई है, जो बुधवार को 2.14 लाख रुपए पर थी।
5 दिन से लगातार गिरावट के कारण सोना 3,866 रुपए सस्ता हो गया है, वहीं चांदी 14,011 गिर गई है। 9 अक्तूबर को सोने की कीमत 1.49 लाख रुपए और चांदी 2.21 लाख रुपए पर थी।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सोने के गहने या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें।
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शुद्धता जांचें: सोने में 24 कैरेट और 22 कैरेट के भाव अलग होते हैं। गहनों के लिए हॉलमार्क और शुद्धता की पुष्टि करें।
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स्थानीय भाव देखें: शहर, जौहरी और बाजार के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।
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अंतिम बिल समझें: गहनों की खरीद में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण कुल भुगतान धातु के मूल भाव से ज्यादा हो सकता है।
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बाजार की अस्थिरता समझें: हालिया गिरावट के बाद कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। निवेश का फैसला अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से लें।
सोने-चांदी के भाव में गिरावट की वजह
अमेरिका में सितंबर की महंगाई दर उम्मीद से ज्यादा रहने के बाद फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंताएं बढ़ीं। मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया। भारत में रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ा
कीमतें नीचे आने से गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव, सोने की शुद्धता, चांदी का प्रति किलो रेट और मेकिंग चार्ज जरूर जांचें। गिरावट के बाद भाव फिर बढ़ सकते हैं, इसलिए केवल पुराने रेट देखकर खरीदारी का निर्णय न लें।


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