नूंह-सोहना बॉर्डर पर पुलिस एनकाउंटर में शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत,

नूंह-सोहना बॉर्डर पर पुलिस एनकाउंटर में शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत,

गुरुग्राम, 15 अक्टूबर 2026 । हरियाणा के नूंह जिले के कुख्यात अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी की गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में सिलानी गांव के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, शाहिद गौ-तस्करी और एटीएम मशीन उखाड़ने समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं, जिनमें दुष्कर्म के आरोप से जुड़ा मामला भी शामिल बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, नूंह क्राइम ब्रांच की टीम को शाहिद की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने उसका पीछा किया। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उसने पुलिस टीम पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में शाहिद को गोली लगी। उसे सोहना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

6 से 12 राउंड फायरिंग की सूचना

फिरोजपुर झिरका CIA की टीम गोतस्करी के एक आरोपी का पीछा कर रही थी। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि एक आरोपी मौके से भागने में कामयाब हो गया, जबकि दूसरे को गुरुग्राम-हरियाणा बॉर्डर के पास पकड़े जाने की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस और आरोपियों के बीच 6 से 12 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान शाहिद को गोली लगी। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस को लंबे समय से थी शाहिद की तलाश

शाहिद उर्फ आडवाणी नूंह जिले के तावडू क्षेत्र के खरखड़ी गांव का रहने वाला था। पुलिस उसे लंबे समय से तलाश रही थी। उसके खिलाफ गौ-तस्करी और एटीएम मशीनों को उखाड़कर चोरी करने जैसे मामलों में संलिप्तता के आरोप थे। इसके अलावा, उसके खिलाफ कई अन्य गंभीर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज बताए गए हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में उसके खिलाफ 30 से अधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होना और अदालत में अपराध साबित होना अलग-अलग बातें हैं। इन मामलों में आरोपों और न्यायिक स्थिति का आकलन संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शाहिद वर्ष 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद से वह लंबे समय तक पुलिस की तलाश में रहा। उसकी तलाश में अलग-अलग पुलिस इकाइयां जुटी हुई थीं।

पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी। इस बार नूंह क्राइम ब्रांच को उसकी गतिविधियों के बारे में सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि पीछा करने के दौरान हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम शाहिद का पीछा करते हुए सिलानी गांव के पास पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी फायरिंग हुई। इस दौरान शाहिद को गोली लगी और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई से जुड़ी जानकारी जुटाई। मुठभेड़ की परिस्थितियों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य प्रक्रियागत पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी, ताकि पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक विवरण स्पष्ट हो सके।

गौ-तस्करी और अन्य मामलों को लेकर चर्चा में था नाम

शाहिद उर्फ आडवाणी का नाम गौ-तस्करी और एटीएम चोरी के मामलों में सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, वह कई गंभीर मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या और उनकी प्रकृति को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में जानकारी दी गई है।

हरियाणा के नूंह और आसपास के क्षेत्रों में गौ-तस्करी से जुड़े मामलों पर पुलिस की कार्रवाई पहले भी चर्चा में रही है। इस घटना के बाद भी पुलिस की जांच और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होगा कि शाहिद के खिलाफ किन-किन मामलों में आरोप दर्ज थे और उनमें जांच किस स्तर तक पहुंची थी।

फिलहाल, पुलिस मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत की पुष्टि की गई है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, पुलिस कार्रवाई का विवरण और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की स्थिति आगे की जांच में महत्वपूर्ण होंगे। इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों को आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।