दिल्ली में वोटर लिस्ट सुधार अभियान ने पकड़ी रफ्तार

दिल्ली में वोटर लिस्ट सुधार अभियान ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026 । दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के मुताबिक, जिन करीब 33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से लगभग 20 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। यह आंकड़ा कुल मामलों का 60 प्रतिशत से अधिक है।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान मतदाता सूची में दर्ज विसंगतियों को दूर करने और पात्र मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करने के लिए चलाया जा रहा है।

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख लोगों के नाम शामिल हुए थे। इनमें 33 लाख को फोटो मिसमैच, नाम मिसमैच, स्पेलिंग मिस्टेक और अन्य वजहों से नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के निस्तारण के आदेश बीएलओ को घर-घर जाकर करने के निर्देश सीईओ ऑफिस ने दिए हैं। इसके अलावा हर रविवार को स्पेशल कैंप लगाकर लोगों की समस्याएं अलग से सुनी जा रही हैं। मटियामहल विधानसभा में आने वाले तुर्कमान गेट बुलबुल खाना पोलिंग स्टेशन की एक बीएलओ ने बताया कि उनके बूथ में 1134 वोटर थे। इनमें 212 को नोटिस जारी हुए थे।

18 और 25 को सभी पोलिंग स्टेशनों पर लगेंगे स्पेशल कैंप

इन सभी के नोटिस को हम लोग क्लियर कर चुके हैं। एक अन्य बीएलओ ने कहा, उनके पोलिंग स्टेशन में 334 वोटर्स को नोटिस जारी हुए थे। इनमें अब सिर्फ 50 नोटिस के समाधान रह गए हैं। हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सभी के नाम जुड़ जाएं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, कोशिश की जा रही है कि अक्टूबर में ही नोटिस का निस्तारण कर लिया जाए। दो हफ्ते में लगभग सभी नोटिस का समाधान हो जाएगा। अब 18 और 25 अक्टूबर को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे

किन कारणों से 33 लाख मतदाताओं को मिले नोटिस?

SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें लगभग 13.79 लाख मामले वर्ष 2002 की पिछली मतदाता सूची से रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने से जुड़े थे, जबकि करीब 19.33 लाख मामलों में नाम, उम्र या अन्य विवरणों से संबंधित तार्किक विसंगतियां दर्ज की गई थीं। नोटिस जारी होने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि संबंधित मतदाता अपात्र है। अधिकारियों के समक्ष दस्तावेज और जरूरी जानकारी प्रस्तुत करने के बाद मामले की जांच की जाती है।

दिल्ली में SIR से पहले मतदाता सूची में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज थे। 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में करीब 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। इस तरह लगभग 47.5 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रहे। निर्वाचन अधिकारियों ने इन मामलों को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं की श्रेणियों से जोड़ा था।

यह आंकड़ा ड्राफ्ट सूची से संबंधित है। किसी मतदाता की पात्रता और अंतिम सूची में नाम शामिल होने की स्थिति का निर्धारण संबंधित प्रक्रिया और दावों की जांच के बाद होगा।

नोटिसों के निपटारे में कैसे आई तेजी?

रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती 30 दिनों में लगभग 4 लाख नोटिसों का निपटारा हुआ था। इसके बाद अगले 12 दिनों में करीब 16 लाख मामलों का समाधान किया गया। अधिकारियों ने इस तेजी के पीछे प्रक्रिया में कुछ छूट, अतिरिक्त कर्मचारियों की भागीदारी और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्रमुख कारण बताया।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची के दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 है, जबकि प्राप्त मामलों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है।

जिन मतदाताओं को अपने नाम या विवरण में गड़बड़ी की आशंका है, वे संबंधित BLO या निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। पात्र नए मतदाता आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 जमा करने की प्रक्रिया भी अपना सकते हैं।

दिल्ली में SIR के तहत करीब 33 लाख नोटिसों में से 20 लाख मामलों का निपटारा किया जाना मतदाता सत्यापन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण प्रगति है। हालांकि, नोटिसों का निपटारा और अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल होना अलग-अलग बातें हैं। मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने रिकॉर्ड की स्थिति जांचें और निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करें।