दिल्ली के मयूर विहार स्कूल में 9 साल की बच्ची की मौत , क्लास में अचानक गिरी; पिता ने मेडिकल सुविधाओं पर उठाए सवाल

दिल्ली के मयूर विहार स्कूल में 9 साल की बच्ची की मौत , क्लास में अचानक गिरी; पिता ने मेडिकल सुविधाओं पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026 | दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 स्थित एक निजी स्कूल में बुधवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां कक्षा 3 में पढ़ने वाली 9 साल की बच्ची उन्नति भारती की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बच्ची फिजिकल ट्रेनिंग (PT) पीरियड के बाद अपनी क्लास में लौटी थी। इसी दौरान वह शिक्षिका के सामने अचानक जमीन पर गिर पड़ी।

यह घटना लवली हेरिटेज स्कूल की है। बच्ची को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजने की सलाह दी गई। इसके बाद उसे निर्माण विहार स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्ची के परिवार ने स्कूल की मेडिकल सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद और डॉक्टरों से पूछताछ के बाद लग रहा है कि लड़की को कार्डिएक अटैक आया होगा। परिजनों ने अभी किसी के खिलाफ कोई शिकायत या बयान नहीं दिया है।

CCTV में कैद हुई बच्ची के गिरने की घटना

पुलिस के मुताबिक, घटना 4 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे हुई। उन्नति PT पीरियड के बाद अन्य बच्चों के साथ अपनी कक्षा में लौटी थी। CCTV फुटेज में वह क्लास में प्रवेश करने के बाद कुछ देर खड़ी दिखाई देती है। इसके बाद वह अचानक आगे की ओर गिर जाती है।

फुटेज में शिक्षिका बच्ची के पास पहुंचकर उसे उठाने और कुर्सी पर बैठाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। जब बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो शिक्षिका मदद के लिए बाहर गईं और फिर उसे इलाज के लिए बाहर ले जाया गया।

पुलिस ने स्कूल के CCTV कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पिता ने पूछा- समय पर CPR क्यों नहीं दिया गया?

बच्ची के पिता ने स्कूल प्रशासन की आपातकालीन मेडिकल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्नति पहले से स्वस्थ थी और उसे किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। वह नियमित रूप से बैडमिंटन भी खेलती थी।

पिता ने सवाल उठाया कि बच्ची के अचानक गिरने के बाद उसे तुरंत CPR क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि स्कूल में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद थे या नहीं।

परिवार का आरोप है कि बच्ची को समय पर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाता और तत्काल प्राथमिक उपचार मिलता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। हालांकि, यह परिवार की आशंका है। मेडिकल जांच के बिना यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी खास कदम से बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।

स्कूल प्रशासन ने क्या सफाई दी?

स्कूल की प्रिंसिपल भावना मलिक ने परिवार के आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। उनके मुताबिक, बच्ची खेल के पीरियड के बाद क्लास में आई और करीब दो मिनट खड़ी रहने के बाद अचानक गिर गई।

प्रिंसिपल का कहना है कि स्कूल में नर्स मौजूद थी और बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई थी। स्कूल प्रशासन के अनुसार, बच्ची को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में रेफर किया गया।

इस तरह स्कूल और परिवार की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग सवाल और दावे सामने आए हैं। पुलिस जांच में इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में ली

दिल्ली पुलिस को घटना की सूचना सुबह करीब 9:52 बजे PCR कॉल के जरिए मिली। इसके बाद पुलिस और क्राइम टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच की। अधिकारियों ने CCTV फुटेज जब्त की है और स्कूल कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शुरुआती मेडिकल जानकारी में संभावित कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आई है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्कूलों में CPR और इमरजेंसी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूलों में मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की तैयारियों पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों के अचानक बेहोश होने या सामान्य रूप से सांस नहीं लेने की स्थिति में तुरंत CPR शुरू करना और आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना बेहद जरूरी है।

स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार तथा CPR की ट्रेनिंग देना, इमरजेंसी प्रोटोकॉल तैयार रखना और जरूरत के अनुसार AED जैसे उपकरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल उन्नति की मौत के कारणों की जांच जारी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और स्कूल कर्मचारियों के बयानों के आधार पर घटना की परिस्थितियों का पता लगा रही है।