सीएम रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी को दी संसद में खुली बहस की चुनौती,
नई दिल्ली,04 नवंबर 2026 | दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “ओपन चैलेंज, संसद में आइए, बहस करते हैं।” मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से यह भी कहा कि वे बहस से पीछे न हटें। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
रेखा गुप्ता का राहुल गांधी को खुला चैलेंज
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में आगे लिखा कि 2014, 2019 और 2024, लगातार तीन टर्म। चौथा टर्म तो आपका सबसे बड़ा बुरा सपना है। भागना मत! डिबेट की जगह भारत की संसद, नई दिल्ली। वीजा की जरूरत नहीं। रेखा गुप्ता की ओर से राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती तब दी गई, जब उन्होंने मंगलवार की शाम को प्रधानमंत्री को डिबेट करने का चैलेंज किया था। राहुल गांधी के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए दिल्ली की सीएम ने संसद में उनसे बहस करने की चुनौती दे दी।
राहुल गांधी के चैलेंज पर रेखा गुप्ता का जवाब
रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए संसद को बहस का मंच बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में 1975 की इमरजेंसी और 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश में आपातकाल लगाया गया, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई। इसके साथ ही उन्होंने 1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस की राजनीतिक विरासत पर सवाल खड़े किए। ये आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं।
2014, 2019 और 2024 के चुनावों का भी किया जिक्र
रेखा गुप्ता ने अपनी पोस्ट में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार तीन चुनावी कार्यकाल से सत्ता में है और चौथे कार्यकाल को लेकर भी टिप्पणी की।
उन्होंने बहस के लिए जगह भारतीय संसद, नई दिल्ली बताई और लिखा कि यहां आने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राहुल गांधी को संसद में बहस के लिए आमंत्रित किया।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को क्यों दी थी चुनौती?
दरअसल, राहुल गांधी ने 2 और 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो संदेश के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देशविरोधी बताते हैं, इसलिए इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने बहस के लिए किसी भी मंच या स्थान को चुनने की छूट प्रधानमंत्री को दी थी। उन्होंने भारत की वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ हुए समझौते, अडानी मामले और विदेशी संबंधों से जुड़े आरोपों पर चर्चा करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि बहस के दौरान मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें।
निर्मला सीतारमण ने भी संसद में बहस की बात कही
राहुल गांधी की चुनौती पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि बहस के लिए संसद पहले से ही मौजूद है और राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। सीतारमण ने गृह मंत्री अमित शाह की ओर से एसआईआर और ईवीएम पर विशेष संसद सत्र में चर्चा के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बहस का केंद्र यह सवाल बन गया है कि क्या राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या बीजेपी नेताओं के साथ संसद में इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। फिलहाल रेखा गुप्ता की चुनौती पर राहुल गांधी की ओर से जवाब आने का इंतजार है।


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