MCD में 2,000 सफाई कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट भर्ती पर यू-टर्न, पहले रद्द करने का फैसला फिर लिया वापस

MCD में 2,000 सफाई कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट भर्ती पर यू-टर्न, पहले रद्द करने का फैसला फिर लिया वापस

नई दिल्ली,04 नवंबर 2026 | दिल्ली नगर निगम (MCD) में 2,000 सफाई कर्मचारियों की तीन महीने के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निगम ने पहले इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला लिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपना निर्णय वापस ले लिया। कर्मचारी यूनियनों के विरोध और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारों का कहना है कि BJP ने यह ऐतिहासिक फैसला यूं ही वापस नहीं लिया। दरअसल, जब से कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के अलावा सभी यूनियनों की कोर कमेटी लगातार इस फैसले का विरोध कर रही थी। उनका कहना था कि एक तरह से MCD बैक डोर से निजीकरण की शुरुआत कर रही है। सोमवार को जब BJP नेता इस फैसले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तब भी यूनियनों के प्रतिनिधि बाहर हंगामा कर रहे थे, लेकिन उस वक्त नेताओं ने विरोध को गंभीरता से नहीं लिया।

89 दिनों के लिए होनी थी कर्मचारियों की नियुक्ति

MCD ने सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2,000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त करने की योजना बनाई थी। इन कर्मचारियों को 89 दिनों के लिए काम पर रखा जाना था।

निगम अधिकारियों के मुताबिक, इन कर्मचारियों की तैनाती से बड़े बाजारों, रेलवे स्टेशनों के आसपास और अन्य प्रमुख इलाकों में रात के समय सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलती।

कर्मचारी यूनियनों ने किया विरोध

भर्ती के फैसले का सफाई कर्मचारी यूनियनों ने विरोध किया। यूनियनों का कहना है कि निगम पहले से काम कर रहे दैनिक वेतन और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय लगातार नए कर्मचारियों को ठेके पर रख रहा है।

यूनियनों ने आरोप लगाया कि फरवरी में भी 600 कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया था। उस समय विरोध के बाद आश्वासन दिया गया था कि आगे ऐसी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। इसके बावजूद 2 नवंबर को 2,000 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

मेयर से मुलाकात के बाद बढ़ा विवाद

सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने सिविक सेंटर में प्रदर्शन किया और मेयर प्रवेश वाही से मुलाकात की। यूनियनों ने नई कॉन्ट्रैक्ट भर्ती रद्द करने और पहले से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग रखी।

इसके बाद भर्ती को रद्द करने और फिर कुछ घंटों में फैसला वापस लेने का घटनाक्रम सामने आया। इस बदलाव के पीछे यूनियनों का विरोध और त्योहारों के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका प्रमुख वजह बताई गई है।

मेयर ने 3,000 कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही

मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि MCD चरणबद्ध तरीके से 3,000 सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में काम कर रहा है। उनका कहना है कि अतिरिक्त 2,000 कर्मचारियों की नियुक्ति अस्थायी व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य दीपावली और सर्दियों के प्रदूषण के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है।

5 नवंबर को फिर प्रदर्शन की चेतावनी

यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के नजदीक शालीमार बाग में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। अब इस पूरे मामले पर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच आगे की बातचीत पर नजर रहेगी।