SBI का मुनाफा 14% बढ़कर ₹23,038 करोड़, NPA घटकर 1.39% हुआ
नई दिल्ली,03 नवंबर 2026 | देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 14.3% बढ़कर ₹23,038 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने ₹20,160 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI को सितंबर तिमाही में ₹23,038 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो पिछले साल इसी समय के मुकाबले करीब 14% ज्यादा है। उस तिमाही में बैंक को ₹20,160 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
बैंक की मुख्य कमाई लोगों को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज से होती है। इसे NII यानी नेट इंटरेस्ट इनकम कहते हैं।
इस तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़कर ₹49,142 करोड़ पर पहुंच गई है। इसमें पिछले साल के मुकाबले करीब 15% की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले साल यह करीब ₹42,847 करोड़ थी।
नेट इंटरेस्ट इनकम में 15% की बढ़ोतरी
SBI की शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹49,143 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹42,847 करोड़ थी। बैंक की कुल आय भी बढ़कर ₹1,43,796 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹1,34,979 करोड़ थी।
बैंक के मुनाफे में SBI फंड्स मैनेजमेंट की हिस्सेदारी बेचने से मिले एकमुश्त लाभ का भी योगदान रहा। इस सौदे से बैंक को करीब ₹7,288 करोड़ का लाभ हुआ। इसलिए तिमाही के मुनाफे में बढ़ोतरी को समझते समय इस विशेष लाभ को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
खराब कर्ज के आंकड़ों में सुधार
SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखाई दिया। सितंबर 2026 के अंत में बैंक का ग्रॉस NPA अनुपात घटकर 1.39% रह गया, जबकि एक साल पहले यह 1.73% था। नेट NPA अनुपात भी घटकर 0.36% पर आ गया। इससे बैंक के खराब कर्ज के स्तर में सुधार का संकेत मिलता है।
SBI के तिमाही नतीजों में मुनाफे, शुद्ध ब्याज आय और एसेट क्वालिटी से जुड़े आंकड़े बेहतर रहे। हालांकि, एकमुश्त हिस्सेदारी बिक्री से मिले लाभ का असर भी नतीजों में शामिल है। ऐसे में बैंक के नियमित परिचालन प्रदर्शन का आकलन करते समय ब्याज आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट जैसे आंकड़ों पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।


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